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इलेक्ट्रॉनिक्स / इलेक्ट्रिकल, सेमीकंडक्टर, इंडक्टर्स, रजिस्टेंस, इलेक्ट्रॉनिक प्रोजेक्ट, बेसिक इलेक्ट्रॉनिक, इलेक्ट्रॉनिक्स ट्यूटोरियल, कंप्यूटर और टेक्नोलॉजी, और इसी तरह के अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स संबंधित जानकारीयाँ पूर्ण रूप से हिन्दी में ……

Thursday, April 18, 2019

how to cut a magnets (चुंबक को कैसे काटें)

different way to cut a magnets  

इस पाठ के अंतर्गत  सबसे पहले  हम यह जानेंगे की  (चुम्बक)  magnets क्या  है ,यह कितना उपयोगी है , इसकी खोज  किसने और  कब किया ,इसके प्रकार  और  अन्य  संबंधित  जानकारी याँ   तथा  सबसे  अंत  में  हम  यह जानेंगे  की  चुम्बक  को काफी  आसानी  से  कैसे  काटा  जाये !
magnets
magnets

magnets definition (चुम्बक की परिभाषा) :-

किसी मैग्नेट (चुम्बक) का यह प्राकृतिक गुण होता है कि वह लोहे अथवा लौह गुण रखनें वाले पदार्थों को अपनी ओर आकर्षित करता है, इसके अलावे यह अन्य मैग्नेट को आकर्षित करनें के साथ-साथ विकर्षित भी करता है, किसी मैग्नेट का यह गुण केवल और केवल लौह अथवा लौह मिश्रित धातुओं पर ही कारगर होते हैं,
magnets attract (मैग्नेट आकर्षित करते हैं) :-
चुम्बक की ओर आकर्षित होनें वाले धातु फेरिमैग्नेटिक गुण वाले धातु कहलाते हैं, इनमें लौह गुण रखनें वाले धातुओं के अलावे निकेल और कोबाल्ट जैसे धातु भी शामिल है। मैग्नेट का आकर्षित करनें वाला गुण सभी प्रकार के धातु के लिए कारगर नहीं होता है, किसी भी प्रकार का चुम्बक हो वह लौह गुण वाले पदार्थो को छोड़कर किसी अन्य धातु को अपनी ओर आकर्षित नहीं करता।

चुम्बक का इतिहास (history of magnets )

magnet नामक एक चरवाहे को आज से तकरीबन चार हजार वर्ष पूर्ब ग्रीश में भेड़ो को चराने के दौरान प्राप्त हुआ था,वह चरवाहा जब भी जंगलो में भेड़ो को चराने जाता था अपनी सुरक्षा के लिए जिस जूते को पहनता था जंगली काँटों और कंकडो इत्यादि से बचने के लिये जूते के तलवे में लोहे के पतरी का इस्तेमाल करता था !
  इसी दौरान एक दिन उसके जूते किसी पत्थर में चिपक गयें,अब उसे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था,जंगल में वह अकेला था की भूत-प्रेत या किसी तरह की बुरी आत्मा ने उसे जकड़ लिया हैं !
    पथर से चिपके हुए उसके जूते काफी कोशिश के बाद भी नहीं निकल रहे थे, वह काफी डर गया था, डर के मारे अपने जूते और भेड़ो को भी जंगल में छोड़ कर अपनें गांव को भाग आया और अपनी सारी आपबीती गांव वालोँ को बताई,गाव वाले उसकी बातें सुन कर काफी आश्चर्य चकीत थे और कुछ लोग तो उसे पागल अथवा उसके ऊपर भूत-प्रेत का साया मान रहे थे गांव वालों ने यह निर्णय किया की वो लोग खुद ही जंगल जा कर इस बात की पड़ताल करेंगे,
    दुसरे दिन वो लोग जंगल गये और चरवाहे की कही गई बात को सही पाया सचमुच ही वहां चरवाहे के जूते एक बड़े पथर के साथ काफी मजबूती से चिपके पड़े थे,काफी लोग होने के कारण उन्हें अब डर नहीं लग रहा था, उन्होंने उस बड़े पत्थर को जमीन से खोद कर अपने साथ गांव ले गये और उस पत्थर को उस चरवाहे के नाम पर ही magnet नाम रख दिया !
                  वास्तव में वह पत्थर मैग्नेटाइट था, जो बहुदा प्राकृतिक स्वरुप में पाया जाता है, बाद के समय में इस मैग्नेटाइट पथेर के साथ काफी सारे परिछन किये गये, लगभग 1600 ई0 में इंगलैंड में विलियम गिलबर्ट ने लगभग 17 वर्षों तक चुम्बक और चुम्बकिये गुणों के बारे में गहन अध्यनरत रहे, और इन्ही चुम्बकिये गुणों के बेहतर उपयोग के लिए समय-समय पर अनगिनत सम्भावनाये तलाशी जाती रहीं हैं ! अब तो विभिन्न तकनीको की रीढ़ के रूप में हमारे सामने है सुरुआती खोज के दौरान lead stone कहा गया परन्तु बाद के शोधकर्ताओं द्वारा यह स्पस्ट किया गया की यह पत्थर लोहे के ऑक्साइड (Fe2O3) से बने होते हैं !

magnets are used in (चुम्बक का उपयोग) :-

चुम्बक उदाहरण (magnets examples) :-

आधुनिक समय में चुम्बक के लिये किसी विशेष उदाहरण को पेश करने के आवश्यकता नहीं है क्योंकि चुम्बक और चुम्बकत्व के उदाहरण हमारे सामने भरे पड़े हैं अगर आप magnet को उपयोग के तौर पर देखें तो आपको विभिन्न छेत्रों में इनकी उपयोगिता अनायाश ही देखने को मिल जायेगे, जिसके कुछ छोटे-मोटे उदाहरण हम नीचें पेश कर रहें हैं !

 magnets electricity (चुम्बक बिजली) :-

सभी प्रकार के ट्रांसफार्मर की कार्य प्रकृया विद्युत चुम्बक (Electromagnets) के सिद्धान्त पर ही आधारित होतें हैं, ट्रांसफार्मर और अल्टरनेटर जो विद्युत उत्पादन और वितरण प्रणालि में प्रयोग की जानें वाले सर्व प्रमुख घटक होते हैं, जिसके बिना विद्युत उत्पादन के बारे में कल्पना करना भी निरर्थक है, विद्युत उत्पादन में मैग्नेट, मैग्नेटिक फिल्ड, मैग्नेटिक गुणों का उपयोग इत्यादि जैसे तथ्य विद्युत उत्पादन के लिए मुख्य आधार हैं / चुम्बक विभिन्न स्थानों पर उपयोग हेतु बहुत कई अलग–अलग  आकार-प्रकारों में निर्मित किये जाते हैं (magnets of different shapes) तो आप सोंच कर देख सकते हैं की यह चुम्बक और चुम्बकत्व इलेक्ट्रानिक तथा इलेक्ट्रिकल छेत्र के लिये कितना महत्वपूर्ण तथ्य है ।
Used magnets in computer hard drive
Used magnets in computer hard drive

हार्ड डिस्क (Hard Drive) में चुम्बकत्व का महत्व :-

ऑडियो, विडियो अथवा विभिन्न प्रकार के Data की रिकार्डीग के लिए (Read and write) चुम्बकिये गुणों का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है, हार्ड डिस्क जो एक कंप्यूटर और लैपटॉप का मुख्य भाग होता है, जिसके अन्दर डाटा को रिकार्ड अथवा Erase करनें (मिटाने) के लिए मैग्नेटिक प्रभावों का उपयोग किया जाता है, जिसमें की संबंधित सभी प्रकार के डाटा रिकॉर्डिंग अथवा स्टोर किये जाते हैं, हार्ड डिस्क के अन्दर जो घूमनेवाली डिस्क होती है उसके उपर काफी पतली सी चुम्बकीये पटी बनाई गई होती है जिसके उपर अपनें जरूरत के हिंसाब से डाटा स्टोर अथवा हटाने के लिये चुम्बकीये गुणों का उपयोग किया जाता है, जिसके लिए एक हेड लगा होता है जो चुम्बकत्व वाले  गतिविधि का उपयोग करते हुए डाटा को डिस्क के उपर स्थापित करता है, और जब भी चाहें बाद में उसे हटाया जा सकता है, जिसके लिये मैग्नेटिक प्रभावों का उपयोग होता है चुम्बकीये प्रभावों के बिना यह संभव नहीं है।
Hard Drives (magnets)
Hard Drives (magnets)

Importance of magnetism in magnetic tapes :-

कुछ समय पुर्व विभिन्न प्रकार के डाटा को स्टोर करनें के लिए कई प्रकार के प्लास्टिक टेप्स जिनके उपर मैग्नेटिक गुण रखनें वाले पदार्थ की पतली परत चढ़ाई गई होती है, जो आमतौर पर  वी0 सी0 आर0, टेप रिर्काडर इत्यादि में मैग्नेटीक टेपों के रूप् में प्रयोग किया जाता था  या यु कहें की यह आज भी चलन में है, कई तरह के ऑडियो कैसेट प्लेयर अथवा रिकार्डर जिनमें रिकॉर्डिंग और रिकॉर्ड किये गये सिग्नल को इरेज (मिटाने) करनें और पढनें की सारी प्रकृया मैग्नेटोनिक विधि पर आधारित होती है, इनमे उपयोग किये जाने वाले हेड जो पूर्ण रूप से इलेक्ट्रो मैग्नेट सि़द्धान्त को अपने अंदर सहेजे रहता है, लगभग सभी प्रकार के मैग्नेटिक रिकॉर्डिंग प्रणाली इलेक्ट्रो मग्नेट सिधांत पर ही कार्य करते हैं, इस प्रकार से हम समझ सकते हैं की इलेक्ट्रानिक और इलेक्ट्रिकल छेत्रों में मैग्नेटीक गुणों और मैग्नेटिज्म की कितनी महत्वपूर्ण भुमिका है।

Importance of magnetism in speaker and microphone :-

स्पिकर्स और माइक्रोफोन को मैग्नेट आधारित तकनिक पर कार्यरत मुख्य उदाहरण के रूप् में हम अक्सर प्रस्तुत करते हैं, क्योंकि यह उदाहरण हमें अपनें आस-पास अक्सर देखनें को मिेल ही जाते है, लगभग सभी प्रकार के साउंड सिस्टम, मोबाईल, कम्पयूटर्स, लैपटॉप  इत्यादि में चुम्बकत्व आधिारित तकनिक का उपयोग किया जाता है, इन सारी चिजों से अगर चुम्बक (मैग्नेटस्) की भुमिका को समाप्त कर दिया जाये तो ये सारी चिजें बेकार की हो जाती हैं।
used Magnets  in the  speaker
used Magnets  in the  speaker

Importance of magnetism in a variety of modern things (विभिन्न प्रकार के आधुनिक चिजों में चुम्बक का महत्व) :-

magnets business cards (चुम्बक   बिजनेस कार्ड) :-

आधुनिक समय में चुम्बकत्व आधारित कई तरह के प्रयोग देखने को मिलते हैं इस समय विभिन्न प्रकार के मैग्नेटीक कार्ड प्रयोग में है उदाहरण के तौर पर हम क्रेडिट और डेबिट कार्ड को देख सकते हैं, जिनके उपर मैग्नेटिक फिल्ड को आधार रख कर गुप्त कोड अंकित की गई होती हैं जो मुद्रा के आदान प्रदान के लिए काफी ज्यादा व्यापक तौर पर प्रयुक्त की जाती है, इसके अलावे और भी अनगिनत ऐसे विभाग हैं जिनमें मैग्नेटिक पावर (magnetic power) का बखुबी उपयोग किया जाता है।
Different types of magnets
Different types of magnets

           दिशा निर्धारण के लिए आम तौर पर चुम्बकत्व  को पैमानें के तौर पर माना जाता है, उत्तरी और दक्षिणि छोर को इंगित करनें के लिए चुम्बक और चुम्बकत्व का प्रयोग पुरानें समय से ले कर आधुनिक समय में भी किया जाता है, काफी पहले दिशा निर्धारण के लिए चुम्बक (Magnets) को एक पतले धागे से बांध कर लटका दिया जाता था तत्पश्चात उसके दोनोँ छोर उत्तरी और दक्षिणी छोर की ओर जा कर स्थिर हो जाते थे किसी भी प्रकार के चुम्बक के दो छोर एन(N) और एस(S) उतरी और दक्षिणी पोल की ओर इंगित करती हैं, एन(N) वाली साईड North (उत्तरी) पोल और एस वाली साईड South (दक्षिण) पोल के रूप में दिशा निर्धारित करनें वाले मैग्नेट पर अंकित होता है, इस प्रकार के यंत्र को दिशा सूचक यंत्र अथवा चुम्बकिये कम्पास के रूप में हम जानते है।

सामान्य अथवा मोटे तौर पर चुम्बक (Magnets) को हम दो वर्गो में विभाजीत कर सकते है:-

स्थाई चुम्बक (Permanent magnets)

Permanent magnets (स्थाई चुम्बक) प्राकृतिक रूप् में भी देखनें को मिलती हैं, और जरूरत के हिंसाब से भी यह विभिन्न आकारों, और स्वरूपों में निर्मित की जाती है, सबसे आम तौर पर स्पीकर और मैग्नेटिक माइक्रोफोन में प्रयोग किये जानें वाले चुम्बक  (magnets) को हम देख सकते हैं, इस प्रकार के स्थाई चुम्बक बनानें के लिए कई तरह के तकनिक उपयोग किया जाता है, इस प्रकार के चुम्बक (magnets)  में चुम्बकत्व अथवा लोहे को आकर्षित करनें की शक्ति स्थाई तौर पर विधमान रहते हैं, परंतु विद्युत चुम्बकों (Electromagnets) में ऐसा नहीं हैं वह विद्युत की आपुर्ति पर निर्भर करता हैं इस जबतक विद्युत आपुर्ति विधमान होते हैं मैग्नेटीक फिल्ड भी विधमान होता हैं और आपुर्ति समाप्ती के साथ ही चुंबकीय प्रभाव भी समाप्त हो जाते हैं।
ferrite magnet
ferrite magnet

    परंतु इसके विपरीत स्थाई चुम्बक में किसी भी प्रकार के बाहरी प्रभाव का कोई विशेष प्रभाव नहीं पडता है, और एक बार तैयार हो जानें के बाद यह उपयोग किये जाने वाले चुम्बकीये पदार्थ अथवा लौह तत्व में स्थाई तौर पर विधमान हो जाता हैं, काफी समय अन्तराल के प्शचात् इनकी शक्ति में थोडी बहुत गिरावट आवशय होती है परंतु यह अपने-आप ही पुर्ण रूप् से समाप्त नहीं होता, ये स्थाई चुम्बक इलेक्ट्रानिक और इलेक्ट्रिकल विभागों के अलावा और भी  काफी सारे स्थानों पर काफी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते  हैं, इस प्रकार के चुम्बकीये प्रभावों को खाश तौर से इलेक्ट्रानिक और इलेक्ट्रिकल्स इत्यादि विभागों मे विभिन्न स्थानों पर स्थापित किये जाते हैं!
 उदाहरण स्वरूप् अगर हम एक स्पीकर को लेते हैं तो हम पाते हैं की इनके अन्दर स्थाई और अस्थाई दोनों प्रकार के चुम्बक (magnets) प्रयुक्त किये गये होते हैं, बॉडी के उपरी भाग में स्थाई चुम्बक और उसके बीच वाले भाग में लौह गुण रखनें वाले एक धातु के टुकडे के उपर पतली सी काॅपर वायर की एक कुंडल (coil) बना कर स्थापित की गई होती हैं, जो कोर पर पूर्ण रूप से जड़ित न हो कर वह फ्री अथवा कम्पन करने लायक स्थिति में होती हैं इस कुंडल (coil) के साथ एक स्पाइडर को जोड़ा जाता है, जिसके साथ मोटे कागज की कोण भी लगाई गई होती है जो कुंडल (coil) के कंपन के अनुसार ध्वनि को उत्सर्जित करनें का कार्य करता है। एक स्पीकर में दोनों प्रकार के अर्थात् स्थाई चुम्बक और विद्युत चुम्बक प्रयोग किये गये होते हैं!

विद्युत चुम्बक (electromagnet ):-

electromagnets
electromagnets

इस प्रकार के चुम्बक लौह गुण रखनें वाले कोर उदाहरण स्वरूप् सामान्य लोहे की पतीयों से निर्मित कोर, फैराईट कोर इत्यादि और भी कई  तरह के कोर होते हैं जिनमें लौह गुण विधमान होते हैं उस प्रकार के धातु से बनाई गई कोर के उपर काॅपर वायर जो इनामिल्ड होती हैं अर्थात जिस तार पर कुचालक पदार्थ की काफी पतली सी परत चढ़ााई गई होती है, इस प्रकार के वायर का उपयोग कर के कुंडल (Coil) बनाई जाती है जो कोर के चारो तरफ घेरा बनाती है, जब इस कुंडल में विद्युत धारा प्रवाहीत की जाती है तब उसके कोर पर एक चुम्बकिये फल्कस तैयार होती है जिसकी तिब्रता उपयोग किये जानेंवाले कोर की गुणवत्ता (Quality), क्वायल की घेरों की संख्या , प्रयोग किये जानें वाले तार की मोटाई ,प्रयुक्त कुंडल (Coil) पर प्रवाहित किये जानें वाले विद्युत की मात्रा जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है, इस प्रकार से तैयार होनें वाले चुम्बक में विद्युत (Electricity) की मुख्य भुमिका होती है इसलिए यह इलेक्ट्रो मैग्नेट्स कहलाते हैं, विद्युत (Electricity) के माध्यम से तैयार होनेंवाले चुम्बकिये क्षेत्र सामान्य अथवा प्राकृतिक चुम्बक की तरह ही लौह गुंण वाले पदार्थ को अपनी ओर आकर्षित करता है, विद्युत धारा जब तक कुंडल (Coil) में प्रवाहित होती रहती है तब तक कोर के चारो चुम्बकिये क्षेत्र बनता रहता है परन्तु जैसे ही कुंडल पर से विद्युत धारा की सप्लाई हटा ली जाती है वहां उत्पन्न होनें वाली चुम्बकिये प्रभाव भी समाप्त हो जाती है।

Cut a magnet (एक चुंबक काटें)

साधारणतः किसी मैग्नेट् को काटनें के लिए हम निचे दिये गये विधि का उपयोग कर सकते हैं (we can use the following method for cutting a magnet.) :-

एक चुम्बक (magnet) को काटने के कई तरीके हो सकते हैं, कई बार आपके जरूरत के अनुसार वांक्षित आकार के चुम्बक (magnet) उपलब्ध नहीं हो पाते हैं,काफी खोजने के बाद भी वह नहीं मिल पाता है, ऐसी स्थिति में आप अपने आवश्यकता के अनुसार एक विशेष आकार के चुम्बक का टुकड़ा काट कर उसे उपयोग में ले सकते हैं। चुम्बक (magnet) को काटनें का सबसे आसान तरीका के बारे में जानेगे जिसके लिए किसी विशेष औजार की आवश्यकता नहीं है, आप घरेलु उपयोग में प्रयुक्त कि जानेंवाली प्रत्यार्वर्ती विधुत धारा (A/C  Current) का उपयोग करते हुए वांक्षित आकार में काफी आसानी से किसी चुम्बक को काट सकते हैं, तो आईये जानें यह कैसे किया जा सकता है, इस समय सबसे अधिक मात्रा में हमें फेराइट कोर वाले चुम्बक देखने को मिलती है इसलियें आज हम इसके कट करने के बारे में ही जानेंगे की काफी आसानी से इसे कैसे काटा जा सके ।
Methods of cutting a magnet
Methods of cutting a magnet

  • सबसे प्रथम जिस चुम्बक (मैग्नेट) की कटींग करनी हो उसपर निशान लगा लेंगे जिस भी आकार और जितनी भी टुकड़े में काटनी हो चित्र न0 01 के अनुसार ।
  • चुम्बक को काटने में दो नुकीले लीड की आवश्यकता होगी लाल वाले लीड का एक शिरा ए0 सी0 220 वोल्ट से एक बल्ब को सीरीज में लेते हुए बनाएं इसमें उपयोग किया जाने वाला बल्ब कम से कम 200 वाट की होनी चाहिए, दुसरे लीड का एक सिरा मेन एसी सप्लाई से आनेवाले माइनस (-) के साथ जोड़ेगे और इसका दूसरा छोर चुम्बक को काटने में प्रयूक्त होगा जैसा की चित्र न0 02 में दिखाया गया है।
  • अब इस व्यवस्था के तैयार हो जानें के बाद एक प्लास्टिक इंच का उपयोग करेंगे जिससे की सीधी रेखा में चुम्बक को काटा जा सके/ बनाये गये सीरीज कनेक्शन का उपयोग करते हुए आप काफी आसानी से चुम्बक के ढेर सारे टुकड़े काफी कम समय में काट सकते है, जैसा की चित्र न0 04 में दिखाया गया है।
  • चुम्बक को काटने के लिए प्रयुक्त दोनों लिडों को एक निश्चित अन्तराल पर रखकर धीरे धीरे दिखाये गये चित्र के अनुसार करें, चुम्बक काफी आसानी से कट जायगा जैसा की चित्र न0 03 में दिखाया गया है।
magnet cutting formula
cut magnets

  • उपरोक्त विधी के अनुसार अपनें उपयोग हेतु आप विभिन्न आकार-प्रकार के चुम्बक (magnet) काफी आसानी से काट पाएंगें।
  • मै दुबारा फिर से याद दिलाना चाहूँगा की चुम्बक को काटने के लिए बताई गई उपरोक्त विधि फेराइट कोर वाले चुम्बक के लिए कारगर है।
चुम्बक (magnet) कई प्रकार के धातु और मिश्र धातुओं से निर्मित किये जाते हैं, इसलिए उनकी कीमत उनके निर्माण में उपयोग किये जानें वाले कच्चे माल पर निर्भर करता है अच्छे और महंगे कच्चे माल (Raw materials) से निर्मित चुम्बक ज्यादा कारगर और थोड़े महंगे होते हैं । आम तौर पर ज्यादातर हमें फैाराईट कोर वाले चुम्बक (magnet) देखने को मिलते हैं जो लगभग सभी प्रकार के  स्पीकर्स इत्यादि में प्रयोग किये जाते हैं।



magnets and magnetic fields (चुम्बक और चुंबकीय क्षेत्र)

इस प्रकार से हम समझ सकते हैं की विभिन्न छेत्रों में चुम्बक अथवा चुम्बकीय प्रभावों का कितना अहम् योगदान है, विधुत् के उपयोग से बनाई जानें वाली विद्युत चुम्बक (electromagnet) को इलेक्ट्रानिक्स और इलेक्ट्रिकल क्षेत्रो में बहुदा प्रयोग किया जाता है। पंखे, कुलर, इलेक्ट्रानिक स्विचंग प्रणाली, कम्प्युटर में प्रयोग की जानें वाली हार्ड डिस्क, स्पिकर्स इत्यादि काफी सारे ऐसे इलेक्ट्रानिक उपकरण हैं  जिनके अन्दर स्थाई अथवा विद्युत चुम्बक का प्रयोग किया जाता है आधिकांश  इलेक्ट्रानिक उपकरणों के  अन्दर विद्युत चुम्बक (electromagnet) अथवा स्थाई चुम्बक का प्रयोग किया जाता है।

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