Followers

इलेक्ट्रॉनिक्स / इलेक्ट्रिकल, सेमीकंडक्टर, इंडक्टर्स, रजिस्टेंस, इलेक्ट्रॉनिक प्रोजेक्ट, बेसिक इलेक्ट्रॉनिक, इलेक्ट्रॉनिक्स ट्यूटोरियल, कंप्यूटर और टेक्नोलॉजी, और इसी तरह के अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स संबंधित जानकारीयाँ पूर्ण रूप से हिन्दी में ……

Monday, February 25, 2019

What Is Telemedicine How It Works.

 TeleMedicine

electronics in telemedicine
 electronics in telemedicine 

telemedicine प्रणालि खास कर के उन लोगों के लिए जो दुर दराज के क्षेत्रो में रहते हैं, और उनके लिए भी जो लोग गंभीर बिमारियों के इलाज हेतु लंबी दुरी वाले यात्राओं और महंगी इलाज का बोझ नहीं उठा सकते, telemedicine प्रणालि एक ऐसी पद्धति है जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति घर बैठे या अपनी नजदीकी स्वास्थ केन्द्र में जा कर किसी बडे डॉक्टर जो चाहे कितनी भी दुर रहते हों अपना पूर्ण ईलाज करवा सकते हैं। इस व्यवस्था का मुल उदेश्य भी यही है, इस प्रणालि के अंतर्गत दुर दराज के छोटे और मध्यम वर्गिय नर्सीग होम, हस्पताल को एक इंटरनेट नेटवर्क के माध्यम से अपनें देश या विदेशों में भी बडे-बडे अस्पताल, प्राइवेट क्लीनिक और नर्सिग होम के साथ जुडे होते हैं।
   अगर telemedicine की विशेषता के बारे में कहा जाये तो यह आज के नये दौर में मेडिकल क्षेत्र के अंतर्गत तेजी से उभरनें वाला एक फायदेमंद व्यवस्था के रूप में देखा जा सकता है। इस व्यवस्था के अंतर्गत इंटरनेट से जुडे हुए नेटवर्क प्रणालि का उपयोग करते हुए दूर स्थित रोगियों जिनकी माली हालत कमजोर होती है, जिनके पास अपनें इलाज के लिए ज्यादा पैसों नहीं होते उनके लिए तो यह एक वरदान की तरह ही है, टेलि ट्रिटमेंट के अंतर्गत विडियों मानीटरिंग की मुख्य भुमिका होती है, संबंधीत दोनों स्थलों अर्थात एक रोगी और एक डॉक्टर को एक नेटवर्क के माध्यम से जोडा जाता है। रोगी के सारे मेडिकल रिपोर्ट वायरलेस नेटर्वक के माध्यम से आदान प्रदान होते रहते हैं आज के समय में लगभग सारे प्रकार के रिर्पोट को डिजिटल रिपोर्ट में तबदील किया जा सकता,  इलेक्ट्रानिक मेडिकल रिपोर्ट होंने का सबसे बडा यह फायदा है की मिनटों में यह रिपोर्ट विश्व के किसी भी भाग में किसी बडे डॉक्टर के पास परामर्श के लिए भेजा जा सकता है और उचित परामर्श के बाद अपनें ही क्षेत्र में संबंधित केंद्र में जा कर अपनें रोग का  विधिवत् इलाज करवाया जा सकता है।
इस प्रकार के इलाज के लिए संबंधित स्वास्थय केन्द्रों को ऑनलाईन माध्यम से जोडते हुए “ई-हेल्थ” नाम से संबोधीत किया जाता है, इंटरनेट पर ऐसी बहुत सारी वेब साइटें मिलेंगी जो ऑनलाईन स्वास्थय सुविधायें प्रदान करती हैं, ये उन प्रकार के मरिजों के लिए भी काफी फायदेमंद है जो अस्पताल में जा कर इलाज करवानें में अपनें आप को असहज  महसुस करते हैं, और उनके लिए भी जो खतरनाक छुत जैसी कई प्रकार के बिमारियों से ग्रसीत होते हैं, रोग की प्रकृति के अनुसार उन्हें उनके निहित स्थान पर ही इस माध्यम के उपयोग से इलाज के लिए बेहतर सुविधा प्रदान की जाती है। 19670 के आस पास मैसाचुसेट्स जनरल अस्पताल में पहली बार इस प्रकार की व्यवस्था का प्रारम्भ किया गया जिसमें एक दोतरफा ऑडियोविजुअल तकनीकि का उपयोग किया गया था!


Medicine
Medicine

टेलिमेडिसिन की पुरी कार्य प्रणालि को तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता हैं।

  • रोगी के सारे रिर्पोट को डिजिटल करना और इसे सेव कर पाना:-

telemedicine के अंतर्गत आनें वाले फैक्टरों में से यह सबसे महत्वपूर्ण फैक्टर है मरीज के रिपोर्टो का डिजिटलीकरण, अगर रिपोर्टो का डिजिटली  माध्यम में कनर्वसन नहीं होंगें तो इलेक्ट्रानिक माध्यम से उसे वांक्षीत स्थान पर सीमित समय पर पहुचाना पाना संभव नहीं हो पायेगा, अतः कई प्रकार के रिर्पोटों जैसे ई सी जी, एक्स रे, बहुत सारे प्रकार के ब्लड रिर्पोट आदि और भी कई प्रकार के रिपोर्ट होते हैं जिनका डिजिटली रूप में डेटा तैयार करना होता है। जिससे कि इसको तत्काल प्रेषित किया जा सके।
  • इन सारे रिर्पोट को तत्कालिक तौर पर विश्व में कहीं भी भेजनें और प्राप्त करनें की उचित व्यवस्था:-

रोगियों के डिजिटल डेटा तैयार हो जानें के बाद उन्हें कहीं भी भेजनें हेतु एक माध्यम की आवशयकता होती है जैसे इन्टरनेंट या पर्सनल नेटवर्क के माध्यम से इस डेटा का आदान प्रदान किया जा सकता है।
  • वास्तविक समय में विडियो/ऑडियो कॉन्फ्रेंस के लिए विशवसनीय नेटवर्क:-

एक ही समय पर एक मरीज और एक डॉक्टर को किसी विशवसनीय नेटवर्क के द्रारा ऑडियो और विडियो की दोहरे संवाद और दृश्यमान होनें की आवशयकता होती है जिसे विडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से किया जाता है। दुनियाभर के  ट्रामा सेंटर इन विडियो कॉन्फ्रेंसीग तकनीक का बखुबी उपयोग करते हैं, इसके अलावा ट्रामा सर्जन इन विडियो कॉन्फ्रेंसीग तकनीकों का उपयोग कर के दुनिया के दुरस्थ स्थानों पर स्थित मरिजों के निरिक्षण और परामर्श देनें का कार्य भी बखुबी से कर पाते हैं। यह व्यवस्था तभी संभव हो पाती है जब मरीज और डाक्टर एक ही समय पर किसी नेटवर्क के माध्यम से जुड़ पाते हों, एक रिमोट सर्जन के पास इस वास्तविक समय में कैमरे को कन्ट्रोल करनें की पुरी छमता होती है।
telemedicine प्रकृया के अंतर्गत बहुत सारे ऐसे मेडिकल उपकरणें का प्रयोग किया जाता है जो सिधे तौर पर नेटवर्क माध्यम से एक दुसरे से जुडे होते है इन सारी सुविधाओं के कारण ही हजारों मील की दुरी से भी इलाज के कार्य को करनें में सफलता मिल पाती है।
   
 Robotic Treatment
 Robotic Treatment


मेडिकल क्षेत्र में काफी तेजी से हो रहे विकाश का ही यह देन है कि विश्व के बडे अस्पताल अब रोबेाटिक टिटमेंट दे पानें में सक्षम हैं। वो दिन दुर नहीं जब किसी रोगी को अपनें इलाज के क्रम में काफी ज्यादा सहुलियत हो जायेगी इन्टरनेट पर इस तरह के काफी सारे अस्पताल उप्लब्ध हो जायेंगें जो एक रोगी को रोबोटीक टिटमेंट दे पायेंगे। बस उनकी साईट पर जा कर रजिस्ट्रेशन  करानें की आवशयकता होगी और इसके बाद की सारी जिम्मेवारी उन संबंधित संगठन की होगी। इसके लिए भुगतान भी ऑन लाईन ही होता रहेगा। पूरे विशव के कोनें कोनें में  मेडिकल क्षेत्र का विस्तृत नेटवर्क होगा । जहां मेडिकल से संबधीत सारे प्रकार की कार्यवाही की जा सकेगी । इस समय भी काफी सारे मेडिकल स्टोर्स ऑनलाईन खुलते जा रहें है, जो कुरियर के माध्यम से आर्डर की गई दवाओं को सीधे घर पर भिजवा रहीं हैं, वो भी उचित मुल्य पर। ये है तेजी से होता telemedicine क्षेत्र का आधुनिकीकरण जिसमें इलेक्ट्रानिक और इलेक्ट्रिकल विभाग की काफी बड़ी भूमिका है!
 

------------------------------------------------------
NEXT ARTICLE Next Post
PREVIOUS ARTICLE Previous Post
NEXT ARTICLE Next Post
PREVIOUS ARTICLE Previous Post
 

Delivered by FeedBurner